Param earth movement

हम  मनुष्यों में परमात्मा रूपी सागर की एक बूंद है…”करुणा और प्रेम”… उसको जगाना और बढ़ाना।
बंदरों की समस्या तो एक छोटी बात है… वो तो हल  होगी ही….. साथ ही जिंदगी स्फूर्ति और आनंद से भर जाएगी।